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Showing posts from January, 2018

तुम्हे आज़ाद करके दूँ ख़ुशी, उम्मीद मत रखना

तुम्हे आज़ाद करके दूँ ख़ुशी, उम्मीद मत रखना बहाना दूँ  तुझे  कोई  कभी,  उम्मीद मत रखना तसल्ली  दे  रहे हैं जो सुनाकर अपने अपने ग़म कभी  इन ग़मगुसारों से कोई उम्मीद मत रखना वज़ूद  ...

हम तुम्हें छोड़ के जन्नत भी न जाने वाले

हम  तुम्हें  छोड़  के  जन्नत भी न जाने वाले आबला   पा  के   लिए  फूल  बिछाने  वाले तेरी दुनिया मेरी दुनिया से अलग क्या होगी रस्मे  दुनिया  को हैं  हम  दोनों निभाने वाले जी  न...

ग़म देने में जो कंजूस रहा होगा

ग़म  देने  में  जो  कंजूस  रहा  होगा वो  इसका  सरमायादार  बना  होगा दाग़  उभर  आये   हैं   तेरे  चेहरे  पर आज किसीने तुमको चाँद कहा होगा मेरा हिलना डुलना भी नामुमकिन है उसने ...

इक राह के मुसाफ़िर हम भी हैं और तुम भी

इक राह  के  मुसाफ़िर  हम  भी हैं और तुम भी इक मुश्ते ख़ाक आख़िर हम भी हैं और तुम भी रखते  हैं  सोच  ओछी,  मज़हब  पे  दूसरे  के इस ज़ाविये से काफ़िर हम भी हैं और तुम भी अपनी अक़ीदतों का हम...