मिलता है वो नसीब से हर सू तलाश कर है तेरे ही करीब ख़ुदा तू तलाश कर बूढ़े शजर भी हैं जहाँ बा बर्गो बार अब उस दश्त में है कौन सा जादू तलाश कर दामन तो तार तार हैं सब के ह...
आज आओ प्यार से हम प्यार की बाते करें प्यार में इक़रार की इनकार की बातें करें मान जाने के लिए तुम रूठ जाते थे कभी उस हसीं पल में हुई मनुहार की बातें करें बंदिशों क...
तुम ह्रदय की चेतना हो क्यों तुम्हे अभिशाप समझूँ मैं परस्पर प्रेम की अभिव्यक्ति को क्यों पाप समझूँ सृष्टि की संकल्प-यात्रा में रहे तुम साथ मेरे तो सृजन-हित-साधना म...
नीमवा आँखें तुम्हारी कह रही हैं वो कहानी जो गुज़िश्ता रात तुमने ख़ुद शुरू की थी सुनानी साज़िशों में मुब्तिला थी साथ तेरे लौ दिये की जो हमारी धड़कनों की कर रही थी तर्ज...