चाँद पर उभरी निशानी देखिए

चाँद  पर उभरी निशानी देखिए
फिर  हक़ीक़त नागहानी1 देखिए

क़ैद कर लेंगी ये दुनिया आँख में
पुतलियों  की बदगुमानी  देखिए

आपने  मेरी  हँसी  तो  देख  ली
अब  मेरी आँखों में पानी देखिए

छोड़िए  ना  पत्थरों  का  टूटना
'आप  दरिया  की  रवानी देखिए'

मुस्तहक़2 हैं ख़्वाहिशें जो आपकी
ख़्वाब  भी  तो  जाविदानी3  देखिए

अज़्मतें  इंसान  की  जब  ख़ूब हों
जिस्म  की मत नातवानी4  देखिए

जानना हो  ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा
पाँव  का हर नक्शे  फ़ानी  देखिए

हुस्न की  ख़ामोशियाँ  हैं  बेतलब5
रुख़  पे   तारी  शादमानी  देखिए

1  दैवी
2  हक़दार
3 अटूट
4 दुर्बलता
5 अनिच्छित

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