किसी की भी ख्वाहिश पे क़ुर्बान होना


किसी की भी ख्वाहिश पे क़ुर्बान होना
है मुश्किल बहुत इतना आसान होना

यक़ीनन  खिलायेगा  गुल  एक दिन ये
तेरा  मेरा  दो  जिस्म  इक  जान  होना

लगी  होड़  इंसां  में  बनने  की  पत्थर
कि  जैसे  सभी  को  है  भगवान  होना

तेरे   आइने   को   भी   अच्छा  लगा है
उसे    देखकर    तेरा    हैरान     होना

ख़ुदा ने  है  बख़्शी तुझे  गुल  सी  सूरत
है  हर गुल की ख़्वाहिश तेरी शान होना

रहे    ही  नहीं  जो   कभी   बस्तियों   में
उन्हें   क्या   पता   क्या  है  वीरान होना

मिला मुश्किलों का हल उनसे ही हो कर
मुनासिब    नहीं     यूँ    परेशान    होना

हमेशा   वही   रह   गये    हाशिये    पर
जिन्हें   रास    आया  न   उन्वान  होना

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