जो इकतरफ़ा प्यार करोगे
जो इकतरफ़ा प्यार करोगे
कब तक आख़िरकार करोगे
इस उम्मीद में रूठ गया हूँ
तुम थोड़ी मनुहार करोगे
दोनों की हालत यकसाँ है
क्यों इसको अख़बार करोगे
मेरी गली से फिर तुम गुज़रे
कब तक अत्याचार करोगे
दिल का सागर बेसाहिल है
डूबोगे तब पार करोगे
दहलीज़ें सब तोड़ रहे हो
क्या दर को दीवार करोगे
पोंछ रहे हो मेरे आँसू
ऐसा क्या हर बार करोगे
'शेष' तुम्हारे अपने हैं सब
किससे किससे रार करोगे
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