हम सब ने इसके वास्ते क्या क्या नहीं किया

हम सब ने इसके वास्ते क्या क्या नहीं किया
और  ज़िन्दगी  ने  भी हमें  रुस्वा  नहीं किया

ख़ुद  को  गुनाहगार  समझना  ही था गुनाह
हमने    वही    गुनाह    दुबारा    नहीं   किया

सह कर  हर एक ग़म भी हमें बख़्श दी खुशी
तुमने   हमारे   साथ   ये  अच्छा  नहीं  किया

यादें    तुम्हारी    इनसे   जुड़ी   हैं   इसीलिए
ज़ख्मों  का  हमने ख़ुद  ही मुदावा नहीं किया

तुमको उदास  देख  के  कुल  बज़्म है उदास
ग़मख़्वार  सिर्फ़   मैं  हूँ  ये  दावा  नहीं  किया

इक   बार  आइने  को  दिखाया  था  आइना
सच से कभी फिर उसने किनारा नहीं  किया

सुनता हूँ  ख़ामुशी को  मैं तनहाइयों के साथ
तनहाइयों  को  भी कभी तनहा  नहीं   किया

हमको  रक़ीब  कह  के  समुंदर  ने  रेत  का -
साहिल   पे   घर  हमारा  गवारा  नहीं  किया

मेरी  नज़र  में   प्यार   इबादत  से  कम  नहीं
खुल कर कहा है  छुप  के इशारा नहीं  किया


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